नई दिल्ली, सुस्ती से जूझ रही देश की इकोनॉमी को बूस्ट देने के लिए केंद्र सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है. इसी के तहत गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फिर से राहत दी है. आइए जानते हैं, निर्मला सीतारमण के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें..  

- निर्मला सीतारमण ने बताया कि बैंकों ने 157.44 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के तहत 1681 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.  नाबार्ड के जरिए 25 हजार करोड़ रुपये की पूंजी आवंटित की गई है. 

- 28 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना से जुड़ने की वजह से प्रवासी मजदूरों को हो रहा फायदा. पीएम स्वनिधि योजना के तहत 1373.33 करोड़ रुपये के 13.78 लोन आवंटित किए गए हैं.

- निर्मला सीतारमण ने बताया कि आरबीआई ने तीसरी तिमाही में इकॉनमी के पॉजिटिव ग्रोथ का अनुमान जताया है. शेयर बाजार और मार्केट कैप की बढ़त हमारे प्रयासों का नतीजा है.

- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि बीते दिनों लिए गए फैसलों की वजह से जीएसटी कलेक्शन बढ़ा है. सालाना आधार पर इसमें 10 फीसदी की तेजी आई है. वहीं, बैंक क्रेडिट में 23 अक्टूबर तक 5.1 फीसदी तेजी आई है. जबकि विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर है.

- आपको बता दें कि बुधवार को ही सरकार ने 10 सेक्टरों में मैन्युफैक्चरर्स के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये के प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव्स (PLI) की घोषणा की है. इससे पहले सरकार ने मई में आत्मनिर्भर अभियान के तहत करीब 21 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया था. 
 


मंदी की चपेट में इकोनॉमी!
रिजर्व बैंक के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) एक साल पहले की तुलना में 8.6 फीसदी घट सकता है. इस तरह लगातार दो तिमाहियों में जीडीपी घटने के साथ देश पहली बार मंदी में घिरा है. कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के असर से पहली तिमाही में 23.9 प्रतिशत का संकुचन हुआ था. आरबीआई ने पहले ही अनुमान लगा रखा है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है.