जबलपुर।  संभागायुक्त महेशचन्द्र चौधरी ने जबलपुर में बड़ी संख्या में कोराना मरीजों के स्वस्थ्य होने पर मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की सराहना की है तथा यहां के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टॉफ को बधाई दी है। श्री चौधरी मेडिकल कॉलेज के डीन कार्यालय में चिकित्सा अधिकारियों की आयोजित बैठक में यहां कोरोना मरीजों के उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्ष कर रहे थे। संभागायुक्त ने जबलपुर में कोरोना मरीजों के रिकवरी रेट को प्रदेश भर में सबसे बेहतर बताया है। बैठक में अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.प्रदीप कसार, अधीक्षक डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. जीतेन्द्र भार्गव, सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा आदि मौजूद थे। संभागायुक्त श्री चौधरी ने बैठक में मेडिकल कॉलेज में आने वाले समय में कोरोना से निपटने की गई तैयारियों पर भी चिकित्सा अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने जबलपुर के आसपास के जिलों में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में सभी जरूरी व्यवस्थायें करने के निर्देश दिये हैं। संभागायुक्त ने कहा कि जबलपुर के आसपास के जिलों के कोरोना मरीजों का दबाव भी मेडिकल कॉलेज पर ही पड़ेगा।  इस लिहाज से यहां बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ नर्सिंग स्टॉफ और पैरामेडिकल स्टॉफ की संख्या भी बढ़ानी होगी। संभागायुक्त ने बैठक में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों के बारे में भी जानकारी ली। श्री चौधरी को बैठक में बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा उपकरणों एवं नई-नई मशीनों की उपलब्धता की स्थिति भी बेहतर हुई है। बैठक में बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित कोरोना मरीजों के उपचार में हाई-फ्लो ऑक्सीजन केन्यूला मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिक क्षमता में ऑक्सीजन सप्लाई वाली ऐसी दो मशीनें मेडिकल कॉलेज को मिल चुकी है तथा दो और शीघ्र मिलने वाली हैं। ये मशीनें कोरोना मरीजों के इलाज में वेंटीलेटर से ज्यादा उपयोगी साबित हो रही है। हाई-फ्लो ऑक्सीजन केन्यूला मशीनों के अलावा मेडिकल कॉलेज को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तीस में से पन्द्रह बाय-पेप मशीनें और दस सी-पेप मशीनें भी मिल चुकी हैं। पन्द्रह बाय-पेप मशीनें जल्दी ही आने वाली हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज को एबीजी मशीन और इसकी किट भी प्राप्त हो गई है। इससे कोरोना पेशेंटों की अन्य बीमारियों संबंधी जांचें भी अब मेडिकल कॉलेज में ही की जा सकेंगी।
संभागायुक्त ने बैठक में मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब और आईसीएमआर लैब् के सेम्पल परीक्षण की क्षमता की समीक्षा भी की। उन्हें बताया गया कि मेडिकल कॉलेज की बायरोलॉजी लैब् में तीन शिफ्टों में सेम्पलों की जांच की जा रही है। प्रतिदिन 150 सेम्पल की जांच यहां की जा सकती है। संभागायुक्त ने इस मौके पर कोरोना मरीजों के उपचार कर रहे मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टॉफ एवं पैरामेडिकल स्टॉफ क्वारेन्टीन की सुविधा की जानकारी भी ली। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्टॉफ को मेडिकल कॉलेज के नये बने गर्ल्स एवं बॉयज हॉस्टल में क्वारेंटीन करने तथा यहां अच्छी से अच्छी सुविधायें उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।