नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं. पीएम मोदी के संबोधन पर सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे कोरोना से लड़ाई का कौन सा प्लान वो सामने रखेंगे. क्या अर्थव्यवस्था में रफ्तार के लिए लॉकडाउन में ढील देने का ऐलान कर सकते हैं. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों से चर्चा की तो उन्होंने राज्यों से लॉकडाउन पर फीडबैक मांगा. ऐसे में प्रधानमंत्री क्या बोलेंगे, इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गई है.


पैकेज में Land,Labour,Liquidity और Laws पर बल दिया- PM
अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में Land,Labour,Liquidity और  Laws,सभी पर बल दिया गया है. ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है.


आर्थिक पैकेज देश की विकास यात्रा को नई गति देगा- PM
पीएम मोदी ने कहा कि इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा. 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा.


पीएम मोदी- भारत आत्मकेंद्रित व्यवस्था की वकालत नहीं करता
पीएम मोदी ने कहा कि विश्व के सामने भारत का मूलभूत चिंतन, आशा की किरण नजर आता है. भारत की संस्कृति, भारत के संस्कार, उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं जिसकी आत्मा वसुधैव कुटुंबकम है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत जब आत्मनिर्भरता की बात करता है, तो आत्मकेंद्रित व्यवस्था की वकालत नहीं करता. भारत की आत्मनिर्भरता में संसार के सुख,सहयोग और शांति की चिंता होती है.


ये आपदा भारत के लिए एक संकेत लेकर आई- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि जब हम इन दोनों कालखंडो को भारत के नजरिए से देखते हैं तो लगता है कि 21वीं सदी भारत की हो, ये हमारा सपना नहीं, ये हम सभी की जिम्मेदारी है. विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है- आत्मनिर्भर भारत. एक राष्ट्र के रूप में आज हम एक बहुत ही अहम मोड़ पर खड़े हैं. इतनी बड़ी आपदा, भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है. उन्होंने कहा कि जब कोरोना संकट शुरु हुआ, तब भारत में एक भी पीपीई (PPE) किट नहीं बनती थी.  एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था. आज स्थिति ये है कि भारत में हर रोज  2 लाख PPE और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं.