भोपाल :  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल जिले के बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में आयशर के ट्रक प्लांट का शुभारंभ किया। इसकी लागत पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक है। भोपाल से करीब 30 किलोमीटर दूरी पर भोजपुर मार्ग के पास विकसित हो रहे नये औद्योगिक क्षेत्र में 128. 02 हेक्टेयर क्षेत्र में यह प्लांट स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह ट्रक प्लांट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आयशर मोटर्स और वाल्वो ए.वी. समूह के संयुक्त उपक्रम वी.ई. कामर्शियल व्हीकल लिमिटेड को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही इस तरह का एक और प्लांट स्थापित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण के मध्य संतुलन बहुत आवश्यक है। यह ट्रक प्लांट नवीन तकनीक के उपयोग और पर्यावरण की रक्षा की दृष्टि से एक आदर्श उदाहरण है।

विश्व के किसी प्रतिष्ठान से पीछे नहीं बगरोदा प्लांट
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है। वे चुनौतियों को अवसर में बदलना जानते हैं। आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश आवश्यक है। मध्यप्रदेश सरकार ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए रोडमेप तैयार कर उसे समय-सीमा में लागू करने की पहल की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए सुशासन, अधोसंरचना, स्वास्थ्य और शिक्षा, अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ये रोडमेप के मुख्य आयाम हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आयशर प्रतिष्ठान के सीईओ श्री विनोद अग्रवाल को भोपाल के नवीन और औद्योगिक क्षेत्र बगरोदा में प्लांट के शुभारंभ के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनका दो साल पूर्व का स्वप्न साकार होने पर बहुत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारा यह प्रतिष्ठान जापान अथवा विश्व के किसी भी देश के औद्योगिक प्रतिष्ठान से पीछे नहीं है। यह गर्व की बात है कि दुनिया में मेड इन मध्यप्रदेश के ट्रक पहुंचेंगे। यह भी लोकल को वोकल बनाने का उदारण होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बगरोदा प्लांट में आयशर कंपनी द्वारा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए प्रदूषण रहित इंजन निर्मित किए जा रहे हैं। ध्वनि प्रदूषण भी न होने से इस ट्रक में बैठने पर ऐसा एहसास होता है, मानो जेट प्लेन में बैठे हों। उन्होंने प्रतिष्ठान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक ट्रक का विक्रय कर निर्यात में वृद्धि करें और जल्द ही ऐसे ही अन्य संयंत्र लगाएं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संपूर्ण परिसर का अवलोकन कर संयंत्र के विभिन्न अनुभागों की कार्यप्रणाली देखी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वयं ट्रक ड्राइव किया और इकाईयों में कार्यरत स्टाफ से भी चर्चा की।

नई इकाईयों को पूर्ण सहयोग
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह क्षेत्र पीथमपुर और मण्डीदीप औद्योगिक क्षेत्र की तरह विकसित होगा। हम उद्योगपतियों को सहयोगी और मित्र मानते हैं। उद्योगों हितैषी निवेश नीति के अंतर्गत सभी आवश्यक सुविधाएं दी गई हैं। यह सुविधाएं भविष्य में भी प्रदान की जाएंगी। नई इकाईयों को अधिक से अधिक सहयोग प्राप्त होगा। निवेश प्रोत्साहन के लिए मध्यप्रदेश सरकार के साथ ही अन्य उद्योगों को ही सहयोगी बनाया जाएगा। इससे समृद्धि का द्वार खुलेगा। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण हम सभी मिलकर करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आशा व्यक्त कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वैभवशाली और संपन्न भारत का सपना साकार होगा। जिसमें उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मध्यप्रदेश को देश का लॉजिस्टिक हब बनाने के प्रयास बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्लांट के ऑपरेशन एक्सीलेंस हाल का अवलोकन भी किया। उन्होंने प्लांट परिसर में पौधे भी लगाए। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने कहा कि यह प्लांट आधुनिकतम है और पीथमपुर और देवास के बाद भोपाल शहर के नजदीक निवेश होने से प्लांट में कार्य करने वाले आसानी से आ जा सकेंगे। आयशर प्रतिष्ठान की ओर से सीईओ एवं चेयरमेन श्री विनोद अग्रवाल ने स्वागत भाषण में कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान सदैव उद्योगों के विकास के लिए प्रयासरत रहते हैं। कंपनी द्वारा बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में इस प्लांट की 90 हजार ट्रक निर्माण क्षमता के साथ प्रदेश में कुल 1 लाख 30 हजार ट्रक निर्माण की क्षमता विकसित की गई है। पूर्व में कर्नाटक में निवेश का विचार था लेकिन मध्यप्रदेश में उद्योग समर्थक वातावरण को देखते हुए यह प्लांट भोपाल और मण्डीदीप के निकट स्थापित करने का निर्णय लिया गया। श्री अग्रवाल ने उम्मीद व्यक्त की कि यह औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित होगा। संयंत्र के शुभारंभ कार्यक्रम में आयशर कंपनी के अधिकारियों- कर्मचारियों के साथ ही अन्य औद्योगिक इकाईयों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।