रायपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) के निधन के बाद उनकी बनाई पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी की कमान, पार्टी के अस्तित्व,उत्तराधिकार और मरवाही सीट (Marwahi Seat) को लेकर अभी से सियासी गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं. जैसा की सभी यही मान रहे हैं कि अमित जोगी (Amit Jogi) ही पार्टी के उत्तराधिकारी होंगे, लेकिन आगामी चुनाव तक पूरी पार्टी को जोड़े रखना भी अमित जोगी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. इधर, अजीत जोगी के निधन के बाद उनकी मरवाही सीट भी खाली हो गई है.मरवाही विधानसभा क्षेत्र जोगी परिवार के वर्चस्व वाला माना जाता है, लेकिन कांग्रेस सरकार के पेण्ड्रा-गौरेला-मरवाही जिला बनाने के बाद राजनीतिक समीकरण कुछ बदले भी हैं. आपको बता दें कि जून 2016 में कांग्रेस से अलग होकर अजीत जोगी ने नई पार्टी - जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) की स्थापना की और बसपा के गठबंधन के साथ पूरी दमदारी से 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ा था.

कभी किंग मेकर, तो कभी बीजेपी की टीम B
विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा जोगी कांग्रेस को किंग मेकर और गेम चेंजरे जैसे नाम भी दिए गए. यहां तक की पार्टी को बीजेपी की टीम B तक कहा गया, लेकिन जैसी उम्मीद की जा रही थी नतीजे वैसे नहीं रहे और बसपा और जोगी कांग्रेस मिलकर केवल 7 ही विधायक चुनकर आए, जिसमें अजीत जोगी को मिलकार उनकी खुद की पार्टी से केवल पांच विधायकों ने जीत हासिल की. सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक वर्तमान में अमित जोगी किसी भी सीट से विधायक नहीं हैं. वहीं उनकी पत्नी ऋचा जोगी 2018 के चुनावों में बसपा से मिली टिकट पर हार का सामना कर चुकी हैं. ऐसे में पार्टी की कमान संभालने के साथ ही अमित जोगी के ही मरवाही सीट से चुनाव लड़ने की संभावनाएं ज्यादा हैं. ऐसा अगर नहीं होता है तब ऋचा जोगी भी फिर एक बार मरवाही के चुनावी मैदान में उतर सकती हैं.